मोरवा में गला रेतकर युवक की हत्या, 22 वर्षीय पुत्र रंधीर पासवान के रूप में की गई

समस्तीपुर । हलई ओपी क्षेत्र के लरुआ के एक युवक की अपराधियों ने गला व हाथ काट कर हत्या कर दी। उसकी पहचान वार्ड एक के खेदड़ पासवान के नाती व सकलदेव पासवान के 22 वर्षीय पुत्र रंधीर पासवान के रूप में की गई है। सोमवार को वार्ड सात स्थित बांसबाड़ी में कपड़े को देखकर शव की पहचान की गई। खून के सूखे धब्बों को देखने से लगता है कि सूनसान जगह में लाकर अपराधियों ने हत्या कर दी। स्वजन के अनुसार वह चार दिन पहले घर से लापता था। युवक की मां प्रेमलता देवी ने बेटे की खोजबीन करने के बाद 12 अप्रैल की शाम थाने में एक आवेदन दिया था।
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प्राथमिकी दर्ज कर जांच में जुटी पुलिस
बताया गया कि रंजीत पासवान, योगी पासवान के पुत्र गोविद पासवान, विरलगन पासवान के पुत्र नन्हकी पासवान और शंकर पासवान के पुत्र संजीत पासवान के साथ 10 अप्रैल की शाम सात बजे घर से निकला था। कुछ देर बाद उक्त तीनों युवक घर आ गए, लेकिन रंजीत नहीं लौटा। दो दिनों तक उसकी खोजबीन की गई। आसपास व रिश्तेदारी में ढूंढ़ने के बाद 12 अप्रैल को मां ने हलई ओपी में आवेदन दिया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए रंजीत के साथ गए तीनों युवकों को गिरफ्तार कर लिया। उनसे पूछताछ की गई। तीनों ने रंजीत के संबंध में कुछ भी जानकारी होने से इन्कार कर दिया। इसी बीच सोमवार को बांसबाड़ी में एक शव मिलने की सूचना मिली। ओपी अध्यक्ष संदीप कुमार पाल, एएसआइ रामप्रवेश प्रसाद, लालकृष्ण यादव एवं प्रवीण सक्सेना पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। वहीं कपड़े से शव की पहचान रंजीत के रूप में हुई। हलई ओपी अध्यक्ष ने मृतका की मां के आवेदन के आधार पर तीनों युवकों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर लिया। मृतक के मोबाइल नंबर व गिरफ्तार युवकों के मोबाइल नंबर के आधार पर अनुसंधान शुरू कर दिया गया है।
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लरुआ में मातमी सन्नाटा
रंजीत की निर्ममतापूर्वक हत्या कर दिए जाने से स्वजन में कोहराम छा गया है। मृतक की मां सहित शोकाकुल स्वजन का रो-रो कर बुरा हाल है। विदित हो कि खेदड़ पासवान को कोई पुत्र नहीं होने के बाद अपनी बड़ी बेटी प्रेमलता एवं सरायरंजन थाना अंतर्गत किशनपुर निवासी सकलदेव पासवान को बेटी-दामाद के रूप में लरुआ गांव में ही बसा लिया था। रंजीत पासवान हैदराबाद में मजदूरी का काम करता था। होली से चार दिन पूर्व वह घर आया था। होली के बाद वह हैदराबाद जाने के लिए सोच ही रहा था। अचानक लॉकडाउन के कारण वह नहीं जा सका। तब से वह घर पर ही रह रहा था। विगत शुक्रवार 10 अप्रैल की शाम वह अपने तीन दोस्तों के साथ घर से निकला था। पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए तीनों युवकों के अनुसार चारों गांव के बाहर जाकर शाम में गांजा का सेवन करने के बाद अलग-अलग चले गए। अन्य युवक तो घर लौट कर आए, लेकिन वह घर नहीं लौटा
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