यहां एक शख्स ने अपनी पत्नी की बीमारी ठीक ना होने पर अपने 11 महीने के बच्चे को बेच दिया। जब पत्नी ठीक हो गई तो पति दोबारा अपने बच्चे को मांगने गया लेकिन उसने जिस दंपत्ति को अपना बच्चा बेचा था उनका कुछ पता नहीं चल सका। आखिर थक हारकर व पुलिस के पास पहुंचे परंतु काफी छानबीन करने के बाद भी पुलिस बच्चे को बरामद करने में नाकामयाब रही। Source : Google दरअसल महिला सुरक्षा यात्रा के दौरान जब स्वाति मालीवाल शाहाबाद डेरी क्षेत्र में महिलाओं को संबोधित कर रही थी तो उसी समय एक महिला ने अपनी आपबीती सुनाते हुए कहा कि लगभग 2 साल पहले जब मैं बीमार थी तो मेरे पति ने मेरे बच्चे को किसी दंपत्ति के पास बेच दिया। अब मैं उसे खोज रही हूं लेकिन उस दंपत्ति का कहीं पता नहीं चल रहा है। पता नहीं मेरा बच्चा जिंदा भी है या नहीं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बच्चे के पिता ने उस दंपत्ति को अपना बच्चा बेचा था जिनके पास खुद की कोई संतान नहीं थी। और युवक की पत्नी बहुत बीमार थी इसीलिए वह अपने बच्चे का देखभाल भी नहीं कर पा रहा था। मजबूरी में उसने ऐसा कदम उठाया था। अब दिल्ली महिला आयोग के हस्तक्षेप से बच्चा सही सलामत अपने माता पिता के पास पहुंच गया है।
अफगानिस्तान की राजधानी काबुल के पश्चिमी इलाके में आतंकवादियों ने एक प्रसूति अस्पताल पर हमला कर दिया जिससे दो नवजात बच्चों समेत 14 लोगों की मौत हो गई। एक अधिकारी ने इसकी जानकारी दी। आंतरिक मामलों के मंत्रालय ने जो तस्वीर जारी की हैं उसके अनुसार अफगानिस्तान सुरक्षा बलों ने अस्पताल से कई बच्चों एवं उनकी मांओं को सुरक्षित निकाल लिया गया है।
इंटरनेशनल डेस्क: अफगानिस्तान की राजधानी काबुल के पश्चिमी इलाके में आतंकवादियों ने एक प्रसूति अस्पताल पर हमला कर दिया जिससे दो नवजात बच्चों समेत 14 लोगों की मौत हो गई। एक अधिकारी ने इसकी जानकारी दी। आंतरिक मामलों के मंत्रालय ने जो तस्वीर जारी की हैं उसके अनुसार अफगानिस्तान सुरक्षा बलों ने अस्पताल से कई बच्चों एवं उनकी मांओं को सुरक्षित निकाल लिया गया है। सोशल मीडिया पर घायल नवजात बच्चों की तस्वीरें वायरल हो रही हैं।
आतंक का इतना भयानक चेहरा देख लोगों की आंखें भर आईं और हर कोई एक ही सवाल कर रहा है कि आखिर इन मासूमों का क्या कसूर था। ट्विटर पर हैशटैग #Kabulattack ट्रेंड कर रहा है। इसमें लोग इस हमले को लेकर अपना दुख जाहिर कर रहे हैं। वो मासूम बच्चों की तस्वीर शेयर कर रहे हैं, जो इस हमले का शिकार हुए हैं। काबुल में हुए हमले के बाद आसमान में अस्पताल के ऊपर काले धुएं का गुबार देखा गया।
आंतरिक मामलों के मंत्रालय के प्रवक्ता तारिक एरीन ने कहा कि इमारत से 100 माताओं एवं बच्चों को निकाल लिया गया है। उन्होंने बताया कि हमले में 15 अन्य घायल हुए हैं जिनमें महिलाए, पुरुष और बच्चे शामिल हैं। तीन विदेशी नागरिकों को भी सुरक्षित निकाल लिया गया है। विदेशी नागरिकों के बारे में प्रवक्ता ने कोई जानकारी नहीं दी है। काबुल में हुए इस हमले की अभी तक किसी ने जिम्मेदारी नहीं ली है, जहां आईएस एवं तालिबान दोनों आतंकवादी संगठन अफगान सैन्य एवं सुरक्षा बलों को निशाना बनाते रहते हैं।

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