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सचिन तेंदुलकर की जिंदगी से जुड़े कुछ यादगार लम्‍हे, जिसे आप मिस नहीं कर सकते

महान क्रिकेटर की खूबी है। उनकी आत्मकथा उनसे हमारा वास्तविक परिचय कराती है। उनकी ज़िंदगी के वे हिस्से जो हमने कभी नहीं सुने, यह किताब हमें उस वक्त से मिलाती है।

1 - सचिन ने अंजली को पहली बार अगस्त1990 में मुंबई एयरपोर्ट पर देखा था

सचिन और अंजली की पहली मुलाकात 1990 में मुंबई एयरपोर्ट पर हुई थी। अंजली पहली मुलाकात में ही सचिन को अपना दिल दे बैठी थी। इस बात का खुलासा खुद अंजली ने एक इंटरव्यू के दौरान किया।
मां को रिसीव करने पहुंची थी एयरपोर्ट
अंजली ने बताया कि मुंबई एयरपोर्ट पर वो अपनी मां को रिसीव करने के लिए गई थी। वो अपनी मां का इंतजार कर रही थी तभी अचानक उनकी नजर घुंघराले बाल वाले सचिन पर पड़ी। वो सचिन को काफी समय तक देखती रही। अंजली को जब पता चला कि ये घुंघराले बाल व्यक्ति टीम इंडिया का युवा क्रिकेटर है तो वे एयरपोर्ट पर ही उनके पीछे दौड़ पड़ी। सचिन को देखने और उनसे बात करने की कोशिश में वो अपनी मां को रिसीव करना ही भूल गई थीं। उस समय सचिन अपने करियर के पहले इंग्लैंड टूर से स्वदेश लौटे थे।

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पत्रकार बनकर सचिन के घर पहुंची थीं अंजली
अंजली ने बताया, इसके बाद उनकी सचिन से मिलने और बात करने की चाहत और बडऩे लगी। दोस्तों की मदद से उन्होंने सचिन का फोन नंबर पता करके उनसे बात की। जब मैंने फोन कर सचिन को बताया कि मैंने एयरपोर्ट पर उन्हें देखा था। इस पर सचिन ने जवाब दिया था कि हां, मैंने भी देखा था। आप मेरे पीछे भाग रही थीं। अंजली ने एक इंटरव्यू में बताया था कि एक बार सचिन से मुलाकात करने के लिए वे खुद को पत्रकार बताकर उनके घर पहुंच गई थीं। घर पर अचानक से एक महिला पत्रकार के आने से सचिन का परिवार वाले भी हैरान हो गए थे।
2 - मारुति 800 थी सचिन की पहली कार

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आज तो सचिन के पास एक से बढक़र एक कारें हैं. वह कारों के जबदस्त शौकीन हैं. क्या आपको मालूम है कि उनकी पहली कार कौन सी थी. ये वर्ष 1990 की बात है सचिन इंग्लैंड दौरे से अपना पहला टेस्ट शतक लगाकर लौटे थे. पूरे देश में उनका नाम हो चुका था. इस दौरे से लौटते ही उन्होंने सेकेंड हैंड मारुति 800 कार खरीदी. तब उनके पास ड्राइविंग लाइसेंस भी नहीं था.
3 - 2005 में कोहनी का ऑपरेशन
किस्सा सन्‌ 2005 का है। ये दौर सचिन तेंदुलकर के लिए क्रिकेट के नजरिए से बहुत अच्छा नहीं था। उस साल मार्च में पाकिस्तानी क्रिकेट टीम तीन टेस्ट और सात एक दिवसीय मैचों की श्रृंखला खेलने भारत आने वाली थी।

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सचिन उस समय बाएं हाथ की कोहनी की चोट से जूझ रहे थे और इलाज के लिए टीम से बाहर थे। मगर पाकिस्तान से खेलने के लिए सचिन ने कोहनी के दर्द को अनदेखा कर खुद को प्रैक्टिस में झोंक दिया। इससे दर्द और बढ़ गया। डॉक्टर ने कोहनी का ऑपरेशन करने की बात कही तो सचिन निराश हो गए।
4 - सचिन के साथ उनके भाई अजीत
महज 16 साल की उम्र में क्रिकेट की दुनिया में आगाज करने वाले सचिन के फैंस दुनिया भर में हैंं. लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि आज अगर सचिन क्रिकेट की चमकती दुनिया के सितारे हैंं, तो इसके पीछे सबसे बड़ी वजह है उनके सौतेले भाई अजीत तेंदुलकर. सचिन ने क्रिकेट खेलना अपने बड़े भाई अजीत तेंदुलकर की वजह से ही शुरू किया था.

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