Breaking News

नाक को नोटों से साफ कर बोला- कोरोना बीमारी नहीं, अल्लाह का श्राप है, पुलिस ने दबोचा


नाक को नोटों से साफ कर  बोला- कोरोना बीमारी नहीं, अल्लाह का श्राप है, पुलिस ने दबोचा
देश दुनिया में खौफ का कारण बना कोरोना वायरस को अल्लाह की सजा बताकर नोटों से नाक और मुंह साफ करने का वीडियो बनाना एक शख्स को महंगा पड़ गया. महाराष्ट्र की नासिक पुलिस ने उस शख्स की पहचान कर उसे गिरफ्तार किया है. नासिक पुलिस ने खुद ट्वीट कर इस बात की जानकारी दी. ट्वीट में बताया गया कि नासिक ग्रामीण पुलिस (महाराष्ट्र ग्रामीण) की तरफ से अभियुक्त के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गयी है और वह पुलिस की हिरासत में है. गौरतलब है कि एक वीडियो में शख्स दिखाई दे रहा है जो पांच सौ के कुछ नोटों से वह अपनी नाक और मुंह को साफ कर रहा है.
इस वीडियो में वह यह कहता हुआ दिखाई दे रहा है- 'कोरोना जैसी बीमारी का कोई इलाज नहीं है. ये बीमारी नहीं, ये अल्लाह का अजाब (श्राप) है, आप लोगों के लिए. वीडियो में दिख रहा है कि शख्स पांच-पांच सौ के नोटों से नाक साफ कर रहा है. ट्विटर पर शेयर हुए इस वीडियो के साथ लिखा गया है- यह व्यक्ति कोरोना संक्रमित हो सकता है. यह नोटों से अपनी नाक पोंछ रहा है. नाक पोंछकर और थूककर यह नोटों को भी संक्रमित कर सकता है. वीडियो में शख्स खुद भी ऐसा ही कुछ इशारा कर रहा है.
बता दें कि कोरोना वायरस का संक्रमण देश में काफी तेजी से बढ़ा है और यह गुरुवार तक दो हजार के करीब पहुंच गया है. मृतकों की संख्या 50 से ज्यादा हो गयी है. कोरोना वायरस के मामलों में इजाफे के लिहाज से एक दिन में अब तक की सबसे अधिक बढ़ोतरी दर्ज की गई है और 328 मामले दर्ज किए गए. गौरतलह है कि निजामुद्दीन मरकज में एक मार्च से 15 मार्च तक तबलीगी जमात के एक कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया था. इसी कार्यक्रम के कारण देश में कोरोना का अचानक से विस्फोट हुआ है. आंकड़ें बताते हैं कि इस कार्यक्रम में आए लोगों में से करीब 400 लोगों में संक्रमण की पुष्टि हुई है.

No comments