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आर्थिक तंगी में टूट गई सांस, रुपयों के अभाव में नहीं मिला इलाज, गर्भवती की मौत


मृतका रूबी का फाइल फोटो और उसके घर लगी लोगों की भीड़
लॉकडाउन की वजह से लोगों के सामने आर्थिक तंगी के हालत पैदा हो गए हैं। मजदूर वर्ग के सामने और भी समस्याएं हैं। शहर में एक गर्भवती महिला ने पांच रुपये की व्यवस्था न होने पर इलाज के अभाव में दम तोड़ दिया। महिला की मौत से परिवार में कोहराम मचा हुआ है। 

रिंकू निवासी ततारपुर कॉलोनी दिहाड़ी मजदूरी करता है। दो साल पहले उसकी शादी जलेसर की रहने वाली रूबी के साथ हुई थी। रूबी नौ माह की गर्भवती थी। जब उसे कुछ दिक्कत हुई तो उसने अपने पति को बताया। पति रविवार को उसे जिला चिकित्सालय लेकर पहुंचा, लेकिन जिला चिकित्सालय पर महिला को भर्ती नहीं किया गया। उसे कोरेाना की जांच कराने की कहकर लौटा दिया।




इसके बाद उसका पति उसे एक निजी चिकित्सक के पास लेकर गया, लेकिन चिकित्सक ने उससे पांच हजार रुपये की मांग की। दिहाड़ी मजदूर पर रिंकू पर इतने रुपए की व्यवस्था नहीं थी, जिससे वह अपनी पत्नी को घर पर ले आया। उसने आसपास के लोगों से भी मदद मांगी, लेकिन कोई भी उसकी मदद के लिए आगे नहीं आया। धन के अभाव में महिला को इलाज नहीं मिल सका। उसने बुधवार की देर रात दम तोड़ दिया। महिला की मौत होते ही परिवार में चीत्कार मच गया। 

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रतिमा श्रीवास्त का कहना है कि उन्हें मामले की जानकारी नहीं है। वे मामले की जांच कराएंगी। जांच में यदि किसी भी कर्मी की लापरवाही सामने आई तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। 

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