झाड़ियों में फेंके नवजात को कुत्तों के झुंड ने घेर रखा था, शख्स ने दिखाई दिलेरी और...

झाड़ी में फेंके गए नवजात को लोगों ने बचाया.
बांका. कोरोना महामारी (Corona epidemic) से एक तरफ देशव्यापी लॉकडाउन (Lockdown) के चलते लोग अपने-अपने घरों में कैद रहने को मजबूर हैं. वहीं, बांका जिले में एक जगह सन्नाटे को चीरते हुए सड़क किनारे पड़े नवजात अपनी मौजूदगी का एहसास करा रहा था. ये लोमहर्षक वाकया बाराहाट थाना के भागलपुर-दुमका मुख्य मार्ग के पुनसिया के नजदीक मेहता लाइन होटल के पास की है. बताया जा रहा है कि एक युवक सुबह टहलने के लिये सड़क से गुजर रहा था. तभी एक नवजात के रोने और कुत्तों की मौजूदगी का एहसास हुआ. शक होने नजर दौड़ाई तो जो दृश्य देखा वह झकझोर देने वाला था.
कुत्तों के झुंड के बीच रो रहा था नवजात
दरअसल एक नवजात जंगलों के बीच फेंका हुआ था और उसे कुत्तों के समूह ने घेर रखा था. काफी कोशिश के बाद उक्त युवक द्वारा नवजात के पास जमा कुत्तों को हटाने में कामयाबी मिली. उसने इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दी. तब तक लोगों तक जानकारी होने पर लोग भी इकट्ठा हो गए. कुत्तों के झुंड को हटाया जा सका और नवजात सकुशल बच गया.
नवजात को गोद लेने की कोशिश में हैं कई
कुछ देर बाद बाराहाट पुलिस एम्बुलेंस के साथ घटना स्थल पहुंची और नवजात को स्वास्थ्य केंद्र लेकर गई. जहां उसकी जांच की गई. नवजात को पूरी तरह से स्वस्थ बताया जा रहा है. फिलहाल उस बच्चे को अपनाने के लिये बहुत लोग प्रयास में लगे हुए हैं, लेकिन किसी को सफलता नहीं मिल पायी है.
पुलिस ने नवजात का करवाया स्वास्थ्य परीक्षण
पुलिस द्वारा चाइल्ड लाइन को सड़क किनारे नवजात को मिलने की सूचना दी गयी है जो अब बाराहाट स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर अपने कब्जे में लेगी. वहीं, दूसरी तरफ बाराहाट के थानाध्यक्ष परीक्षित पासवान ने बताया कि नवजात को सड़क किनारे फेकने को लेकर जांच शुरू कर दी गयी है.
किसने फेंका, इसकी अब तक जानकारी नहीं
थानाध्यक्ष ने बताया कि फिलहाल नवजात का स्वास्थ्य परीक्षण हो गया है जो पूरी तरह स्वस्थ बताया जा रहा है. फिलहाल स्थानीय और पुलिस की सक्रियता से नवजात सही सलामत है. नवजात के बारे मेंअब तक कोई सही जानकारी नहीं मिल पायी है कि उसे किसने फेका है.
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