चोरी के आरोप के बाद 'गेंदा फूल' के असली राइटर को बादशाह ने कितने पैसे दिए?
रैपर बादशाह का नया गाना ‘गेंदा फूल’ रिलीज के तुरंत बाद कॉन्ट्रोवर्सी में आ गया था. इस गाने पर लिरिक्स चुराने के आरोप लगे थे. वो भी बिना क्रेडिट दिए. यूट्यूब पर 13 करोड़ से ज्यादा बार देखे गए इस गाने को रतन कहार ने लिखा था. इसे बाद में बादशाह ने अपने रैप में ले लिया.
लेकिन अब रतन कहार के लिए अच्छी खबर है. टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक, बादशाह ने रतन कहार को पांच लाख रुपये दिए हैं. हालांकि बादशाह एंड टीम या रतन कहार ने इस खबर को कंफर्म नहीं किया है.
बिना क्रेडिट लिरिक्स उठाए
बादशाह वाले ‘गेंदा फूल’ गाने में कुछ अंश बांग्ला भाषा के भी हैं. वो बंगाल के एक लोकगीत ‘गेंदा फूल’ से लिए गए हैं. रतन कहार का दावा है कि उन्होंने इस गाने को लिखा है. लेकिन गाने की क्रेडिट लिस्ट में उनका कोई जिक्र नहीं है.
रतन कहार का दावा
रतन कहार ने ये बांग्ला लोकगीत 1972 में लिखा था. रतन कभी कलकत्ता आकाशवाणी में गाते थे. कहा जाता है कि वहीं ये गाना उनसे लिया गया था. इस गाने को बाद में स्वपना चक्रवर्ती की आवाज में रिलीज किया गया था. रतन बताते हैं कि उनके गाने को पहले भी कई इस्तेमाल किया गया है. लेकिन पैसे तो क्या क्रेडिट भी नहीं मिला. बादशाह ने भी ऐसा ही किया. रतन ने एक इंटरव्यू में कहा था कि वो चाहते हैं कि उन्हें उनका हक मिले. पैसा न सही लेकिन क्रेडिट तो दिया जाए. हालांकि अपने हक के लिए उन्होंने कोर्ट-कचहरी जाने से मना कर दिया था. उनका कहना था कि वो बमुश्किल अपना और परिवार का पेट भर पाते हैं. कोर्ट की लड़ाई के लिए पैसे कहां से लाएंगे.
बादशाह की सफाई
सोशल मीडिया पर जब बादशाह को गरीब राइटर का क्रेडिट खाने के लिए लताड़ा गया तो उन्होंने भी ऑनलाइन अपनी बात कह दी. बादशाह ने कहा कि उन्होंने जानबूझकर ऐसा नहीं किया. जब वो गाने पर रिसर्च कर रहे थे, तब कॉपीराइट्स या अधिकारों में रतन कहार का नाम था ही नहीं. लेकिन वो रतन कहार तक पहुंचकर उनसे बात करना चाहते हैं. उनकी मदद करना चाहते हैं.
बादशाह ने सोशल मीडिया पर मदद का वादा किया था. अब पांच लाख रुपये देने की बात सामने आई है. जो रतन कहार के लिए राहत की बात होगी. लेकिन अभी इसे पूरी तरह से सही नहीं माना जा सकता है. क्योंकि न रतन कहार और न ही बादशाह की तरफ से इसकी पुष्टि हुई है.


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