अगर उम्र है 40 के पार तो फिटनेस के लिए ध्यान में रखें ये टिप्स
अगर आप रेग्युलर एक्सरसाइज नहीं कर रही हैं तो ये समस्या आपको नुकसान पहुंचा सकती है। इसके अलावा, आपको अगर लगता है कि शरीर ज्यादा थक रहा है तो धीरे-धीरे से शुरू करें, लेकिन ऐसी उम्र में इन 5 चीज़ों का ध्यान रखना बहुत जरूरी होता है।
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1. रीढ़ की हड्डी से जुड़ी सेहत-
40 के पार होते हीआम है। हमें रीढ़ की हड्डी से जुड़ी कई समस्याएं होने लगती हैं और जैसे जैसे उम्र और बढ़ती है यानी 50 के पार होती है तो ऐसा लगता है कि बस हमारा बुढ़ापा ही हमे परेशान कर देगा। ऐसे केस में आपको स्पाइनल हेल्थ का ध्यान रखना जरूरी है। ऐसी एक्सरसाइज करें जो गरदन, कंधे और रीढ़ की हड्डी पर असर करे।

पर एक बात का ध्यान यहां भी रखने की जरूरत है कि कोई ऐसी एक्सरसाइज न कर लें जिससे ज्वाइंट पेन हो जाए। स्पाइन से जुड़ी छोटी-छोटी एक्सरसाइज पर ध्यान दें। साथ ही स्ट्रेचिंग जरूर करें। बिना स्ट्रेचिंग के आपके शरीर की मसल्स खुल नहीं पाएंगी और उसके कारण समस्या बढ़ेगी।
2. हाथों को मजबूत करने की एक्सरसाइज-
उम्र बढ़ने के साथ-साथ भी कम होने लगती है। इसी के साथ, अगर आपकी उम्र बढ़ रही है तो ग्रिप भी कमजोर होती जाएगी। ऐसे में अगर आपने अभी से ध्यान नहीं दिया तो कुछ सालों में हाथ कांपने लगेंगे और आपको एक ग्लास ठीक से पकड़ने में भी परेशानी होगी। इसलिए बेहतर है कि आप अपने हाथों का ध्यान कुछ अलग तरह से रखें।

ग्रिपिंग एक्सरसाइज इसके लिए सबसे बेहतर हो सकती हैं। अपने हाथों से स्पॉन्ज बॉल या फिर किसी ग्रिपिंग टूल को बहुत जोर से दबाएं। ज्यादा प्रेशर डालने की कोशिश करें। आप देखेंगी कि कुछ दिनों के अंदर ही आपके हाथों में मजबूती आ गई है।
3. कूल्हों की एक्सरसाइज-
40 के बाद कूल्हों का सही काम करना बहुत जरूरी है नहीं तो आपके चलने, उठने-बैठने में भी समस्या होने लगेगी। हमारा शरीर लंबे समय तक बैठे रहने का आदी हो जाता है और ऐसे समय में हमारे भी काफी स्टिफ यानी सख्त हो जाते हैं। ये बहुत ज्यादा फ्लेक्सिबल नहीं रहते हैं। इस कारण हमारे हिप ज्वाइंट्स में समस्या होने लगती है। ये हिप ज्वाइंट में चोट लगने का रिस्क भी बढ़ा देता है।
बेहतर है ऐसे समय के लिए स्क्वैक्ट्स करना शुरू करें। इससे आपके कूल्हे और पैर दोनों मजबूत होंगे। इसी के साथ योगा आसन भी आप कर सकती हैं।
बेहतर है ऐसे समय के लिए स्क्वैक्ट्स करना शुरू करें। इससे आपके कूल्हे और पैर दोनों मजबूत होंगे। इसी के साथ योगा आसन भी आप कर सकती हैं।
4. मेडिटेशन का रखें ध्यान-
जैसे-जैसे हमारी उम्र बढ़ती जाती है हमें ज्यादा से ज्यादा पड़ने लगती है। इससे दिमाग रिलैक्स होता है और हमारा स्ट्रेस दूर होता है। ये हमारे मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए बहुत जरूरी होता है। इससे हमारी इम्यूनिटी भी बढ़ती है। इसलिए बेहतर है कि हम अपने फिटनेस रूटीन में मेडिटेशन जरूर ध्यान में रखें।
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5. बैलेंस करने वाली एक्सरसाइज-
हम सभी बैलेंसिंग एक्सरसाइज ठीक से नहीं करते। ज्यादा से ज्यादा जिम में भी बैलेंसिंग एक्सरसाइज पर ध्यान नहीं दिया जाता है। ये उन लोगों के लिए बहुत जरूरी होती हैं जो बूढ़े हो रहे हैं। किसी चोट या बीमारी की वजह से शरीर के संतुलन में खराबी आ जाती है और ऐसे मौके पर बैलेंसिंग एक्सरसाइज किसी फिजिकल थेरेपी का काम करती हैं।
बैलेंसिंग एक्सरसाइज जैसे एक पैर पर खड़े होना, एक ही लाइन में सीधे चलना, सिर पर किताब लेकर बैलेंस करना और चलना ये सब काफी काम का साबित हो सकता है।
ये सभी एक्सरसाइज आपके लिए 40 की उम्र के बाद जरूरी हो जाती हैं ताकि आप आने वाले समय के लिए अपने शरीर को तैयार कर सकें। ऐसी ही अन्य खबरें पढ़ने के लिए आप जुड़े रहिए हरजिंदगी से।
बैलेंसिंग एक्सरसाइज जैसे एक पैर पर खड़े होना, एक ही लाइन में सीधे चलना, सिर पर किताब लेकर बैलेंस करना और चलना ये सब काफी काम का साबित हो सकता है।
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